“वास्को डि गामा” आज के दिन ही पहुंचा था हिंदुस्तान जानें कैसे …!

20 मई, वर्ष 1498  के दिन  को वास्को डि गामा हिंदुस्तान के तटीय शहर कालीकट पहुंचा था. भारत की यह खोज एक तरह से पूरी दुनिया मे व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की शुरुआत थी, आइए जानते हैं वास्को डि गामा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य…..

1. इतिहासकार इस बात पर एकमत नहीं हैं कि वास्को डि गामा का जन्म कब हुआ था. कुछ के मुताबिक 1460 और कुछ इतिहासकारों के मुताबिक 1469 में पुर्तगाल के एक तटीय कस्बे साइन में वास्को डि गामा का जन्म हुआ था ।

2. वास्को डि गामा वह इतिहास का वह पहला व्यक्ति था, जिसने भूमध्य सागर के बजाय अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर के रास्ते अफ्रीका के किनारे से होते हुए हिंदुस्तान पहुंचने का रास्ता खोजा ।

3. वास्को डि गामा के हिंदुस्तान पहुंचने से पहले भारत की खोज में निकले हजारों यात्री समुद्र में ही अपना जीवन गंवा चुके थे ।

4. वास्को डि गामा ने 8 जुलाई, 1497 को पुर्तगाल से अपनी यात्रा शुरू की. उसके साथ चार जहाज और 170 आदमी थे ।

5. उन जहाजों का नाम सैन गैब्रिएल, साओ राफाएल और बेरियो था. चौथे जहाज का कोई नाम नहीं था. वह सिर्फ सामान ढोने के लिए था ।

6. 20 मई, 1498 को वास्को डि गामा हिंदुस्तान के तटीय शहर कालीकट (केरल) पहुंचा ।

7. वापसी के दौरान वास्को डि गामा के साथ के अधिकांश यात्रियों की स्कर्वी से मृत्यु हो गई ।

8. इसके बाद वास्को डि गामा दो बार और हिंदुस्तान आया ।

9. तीसरी यात्रा के दौरान मलेरिया से हिंदुस्तान में ही उसकी मृत्यु हो गई,  केरल के कोची शहर के पास स्थित फोर्ट कोच्ची में एक चर्च में वास्को डि गामा की कब्र है ।

10. इस खोज ने पुर्तगालियों के भारत आने और यहां अपना व्यापार स्थापित करने के रास्ते खोल दिए ।

Source By: News18

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