क्रिकेट इतिहास में कभी नहीं टूटे ये रिकॉर्ड, जानकर आप हो जाएंगे हैरान….!

क्रिकेट आंकड़ों का खेल है। खिलाड़ी गेंद और बल्ले की मदद से आंकड़े दर्ज़ कराते है और ये आंकड़े ही रिकॉर्ड बनाते हैं। इन रिकॉर्ड्स की वजह से ही इतिहास रचा जाता है। इस खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुए 141 साल हो गए हैं। इतने सालों में ढेर सारे रिकॉर्ड्स बने और टूटे, लेकिन कुछ कीर्तिमान ऐसे भी हैं, जिन्हें आजतक कोई भी नहीं तोड़ सका है। तो चलिए आपको बताते है उन रिकॉर्डस के बारे में जिन्हें आजतक कोई नहीं तोड़ सका है।

सचिन तेंदुलकर के रन:- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी (टेस्ट, वनडे और टी-20) फॉर्मेट में कुल रनों की बात की जाए तो सचिन के नाम 34357 रन हैं। सचिन के बाद अभी तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज 30 हजार का आंकड़ा भी नहीं छू पाया है। वर्तमान में क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों में फिलहाल विराट कोहली सबसे आगे हैं लेकिन उनके नाम अभी 509 रन हैं। वह इस मामले में सचिन से बहुत पीछे हैं। इसम मामले में विराट को सचिन को पछाड़ने के लिए अभी लंबा सफर तय करना होगा।

सचिन के शतक:- सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक के मामले में सचिन सर्वोच्च स्थान पर हैं। सचिन के नाम टेस्ट और वनडे में मिलाकर कुल 100 (टेस्ट 51, वनडे 49) शतक हैं। फिलहाल क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों की बात की जाए, तो यहां भी विराट का नाम है, जिनके नाम 61 शतक हैं। वह सचिन से अभी 39 शतक पीछे हैं।

क्रिस गेल का तूफानी टी-20 शतक:- टी-20 में क्रिस गेल महज 30 गेंद में शतक जड़ा। गेल का यह शतक किसी भी फॉर्मेट में सबसे तेज शतक है। इस पारी में उन्होंने 11 छक्के और आठ चौके मारे। इस पारी में उन्होंने महज 66 गेंद पर नाबाद 175 रन बनाए। गेल की इस ऐतिहासिक पारी में 13 चौके और 17 छक्के शामिल थे।

डॉन ब्रेडमैन का औसत:- ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन के नाम टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड है जिसका टूट पाना असंभव लगता है। ब्रेडमैन का टेस्ट में औसत 99.94 का रहा। उन्हें करियर के अंतिम टेस्ट मैच में अपना औसत 100 के पार करने में केवल चार रन की दरकार थी लेकिन वह चूक गए। ब्रैडमैन ने करियर में 52 टेस्ट मैच खेले और कुल 6996 रन बनाए। उनके नाम शतक और 13 अर्धशतक दर्ज हैं। 

मुथैया मुरलीधरन 800 विकेट:- श्रीलंकाई लेग स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ पाना किसी भी गेंदबाज के लिए दूर की कौड़ी सा लगता है। मुरलीधरन ने 133 टेस्ट मैचों में कुल 800 विकेट झटके। टेस्ट क्रिकेट में उनके इस रिकॉर्ड के आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं है। एक समय मुरली और ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न (708 विकेट) के बीच टेस्ट मैच के विकेटों की जंग चली, जिसके अंत में मुरली ही विजयी रहे।

सर जैक होब्स का प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड:- इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर सर जैक होब्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 834 मैच खेले जिनमें कुल 61760 रन बनाए। इसके अलावा उनके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 9 शतक और 273 अर्धशतक दर्ज हैं। यह रिकॉर्ड टूटना भी असंभव है। वह इंग्लैंड के लिए 61 टेस्ट मैच भी खेले और कुल 5410 रन बनाए। उन्होंने टेस्ट करियर में 15 शतक और 28 अर्धशतक भी लगाए। होब्स का निधन 81 साल की उम्र में दिसंबर 63 को हुआ था।

टेस्ट पारी में 10 विकेट:- टेस्ट क्रिकेट का यह ऐसा नायाब रिकॉर्ड है। इसकी बराबरी तो की जा सकती है लेकिन इसे तोड़ा नहीं जा सकता। टेस्ट इतिहास में अभी तक सिर्फ दो ही बार ऐसा हो पाया है, जब एक गेंदबाज ने एक पारी के सभी 10 विकेट अपने नाम किए हों। सबसे पहले 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रन देकर 10 विकेट लिए थे। इसके बाद 1999 में अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ फिरोजशाह कोटला टेस्ट में 74 रन देकर यह कारनामा किया।

ब्रायन लारा के 400 रन का  रिकॉर्ड:- वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए काफी मुश्किल है। लारा ने टेस्ट मैच की एक पारी में 400 रन बनाए हैं। लारा ने 582 गेंदों की अपनी पारी में 43 चौके और चार छक्के जड़े। वह अपनी इस पारी के दौरान 778 मिनट तक मैदान पर रहे।

SOURCE: DAINIK JAGRAN

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