फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने डेटा लीक मामले में मांगी माफी !

फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने डाटा लीक मामले में अमेरिका के सीनेट में सभी सांसदों के सामने सामूहिक रूप से माफी मांगी है। जुकरबर्ग ने माना कि 2016 अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में उसके प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल हुआ, जिससे चुनाव के परिणाम पर भी असर पड़ा। जुकरबर्ग ने फेसबुक की गलती को अपनी गलती मानते हुए सबके सामने माफी मांगी। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास दिलाया कि अब उनके और कंपनी की तरफ से दोबारा ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। मार्क जुकरबर्ग ने भारत में होने वाले चुनावों को लेकर कहा कि कंपनी निष्पक्ष चुनाव को लेकर लगातार काम कर रही है। जुकरबर्ग ने सीनेट कॉमर्स ऐंड जूडिशरी कमिटी के सामने पेश होकर फेसबुक के जरिए हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी ली।

क्या कहा मार्क जुकरबर्ग ने?

अमेरिकी कांग्रेस में पेश होने के बाद मार्क जुकरबर्ग ने सभी सांसदों की बातों को गौर से सुना। इस दौरान वो गंभीर नजर आए। पैशी के दौरान जुकरबर्ग ने कहा, ‘हमें देखना होगा और साथ ही जिम्मेदारी भी लेनी होगी कि हम न केवल टूल्स बनाएं, बल्कि ये आश्वस्त भी करें कि उन टूल्स का दुरूपयोग न हो और वो अच्छे कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएं’। उन्होंने आगे अपनी गलती मानते हुए कहा,‘ झूठी खबरें, हेट स्पीच और चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप को रोकने हमने पर्याप्त कदम नहीं उठाएं। ये एक बड़ी गलती है और इसके लिए मैं माफी मांगता हूं ।

डाटा लीक मेरी गलती है :-  मार्क जुकरबर्ग ने डाटा लीक मामले में माफी मांगते हुए कहा, ‘मैंने फेसबुक को शुरू किया है, यहां जो कुछ भी होता है उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। इसलिए ये मेरी गलती है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं ।

पहले भी मांग चुके हैं माफी

अमेरिकी सीनेट में पेश होने से पहले भी मार्क जुकरबर्ग यूजर्स से माफी मांग चुके हैं। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने डाटा लीक मामले में अपने यूजर्स से माफी मांगी थी।

फेसबुक के लिए जुकरबर्ग हैं बेस्ट

फेसबुक के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में मार्क जुकरबर्ग ने कहा था कि वो फेसबुक का नेतृत्व करने के लिए सबसे बेस्ट हैं।

  फेसबुक का बड़ा खुलासा

हाल ही में खुलासा हुआ था कि ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ ने फेसबुक पर 5 करोड़ यूजर्स का डेटा चुराकर, उनका गलत इस्तेमाल किया था। इन आरोपों के बाद फेसबुक की चौतरफा आलोचना हुई थी। इस मामले पर अब फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने अहम खुलासे किए हैं। जुकरबर्ग के मुताबिक, साल 2016 में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ ने फेसबुक के करीब 8 करोड़ 70 लाख यूजर्स की निजी जानकारी को अनुचित तरीके से शेयर किया था। जुकरबर्ग ने बताया कि ये कंपनी डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम कर रही थी। ध्यान रहे कि फेसबुक के दिए आंकड़े और पिछले आंकड़ों में 3 लाख 70 हजार यूजर्स का अंतर है।

मैसेंजर को लेकर दी सफाई

हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज को स्कैन करने को लेकर पूछे गए सवाल पर जुकरबर्ग ने कहा था,‘मैसेंजर स्कैन एक टूल है जो किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए और Community Standards के मुताबिक कंटेंट को सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल होता है’। जुकरबर्ग ने यूजर्स को आश्वास्त करते हुए कहा कि फेसबुक मैसेज को विज्ञापन या किसी दूसरे इस्तेमाल के लिए स्कैन नहीं करता है।

भारतीय चुनाव में बरती जाएगी सख्ती

फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने अपने बयान में कहा कि उनकी कंपनी और टीम भारत में होने वाले चुनाव को लेकर विशेष रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि फेसबुक की एक बड़ी टीम इस बात पर काम कर रही है कि कैसे भारत में होने वाले चुनाव में उसके प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल न किया जा सके। जुकरबर्ग ने कहा कि विश्वास दिलाते हुए कहा कि भारत में आगामी चुनाव को लेकर पूरी ईमानदारी बरती जाएगी।

Credit By: Dainik  Jagran

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