27 जुलार्इ पड़ रहा है सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण जाने कुछ विशेष रोचक बातें…….!

2018 में जुलाई माह की 27 तारीख को पड़ने वाला है सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, करीब 104 वर्ष बाद बन रही है !

 ये ग्रहण विशेष है:-

वैसे तो जुलार्इ माह में दो चंद्र ग्रहण नजर आ रहे हैं जिसमें से पहला विगत 13 जुलाई को हो चुका है, आैर वह भारत में दिखाई नहीं दिया था। अब 27 जुलाई को पड़ने वाला दूसरा ग्रहण कर्इ मायनों में महत्वपूर्ण है पहली बात तो यही है कि ये ग्रहण इस सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण है। इसी के चलते ये दुनिया भर के ज्योतिषियों के लिए ही नहीं बल्कि नासा आैर उसके जैसी कर्इ खगोलीय गतिविधियों पर शोध करने वाली संस्थाआें के लिए भी अत्यंत महत्व का विषय बना हुआ है। इस ग्रहण को लेकर सभी के मन में अलग-अलग धारणाये हैं। इसके साथ ही इस बार ये गुरुपूर्णिमा के दिन पड़ रहा है। ये आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा शुक्रवार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मकर राशि पर होगा। इस लिए इस राशि और नक्षत्र वाले लोग विशेष सावधानी बरतनी होगी।

क्या होगी ग्रहण की अवधि आैर कहां दिखेगा :-

27 जुलाई 2018 को आषाढ़ शुक्लपक्ष पूर्णिमा के दिन पड़ने वाला खण्डग्रास चंद्रग्रहण 27 तारीख की रात से शुरू होकर 28 जुलाई 2018 के प्त काल तक चलेगा। ये ग्रहण भारत सहित पूरे एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रोलिया, अफ्रिका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, हिन्द तथा अटलांटिक महासागर में अलग-अलग रूपों में दिखाई देगा। हालांकि उत्तरी अमेरिका  और अंटार्कटिका में यह नहीं देखा जा सकेगा। इस चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 55 मिनट की होगी। 27 जुलाई को रात 22:54 पर ग्रहण का स्पर्श होगा, इसका मध्य काल रात्रि 01:53 बजे पर होगा आैर मोक्ष 28 तारीख को 03:51 मिनट पर होगा।

ग्रहण का प्रभाव :-

आइये जााने कि विभिन्न क्षेत्रों में इस ग्रहण का प्रभाव कैसा होगा। पंडित जी के अनुसार क्योंकि ये सदी का सबसे लंबी अवधि का चंद्र ग्रहण है तो इसका प्रभाव भी व्यापक ही होगा। ज्योतिषिय गणनाके मुताबिक इस अवधि में दुर्घटनाआें में कमी आयेगी, विषेश रूप से हवार्इ आैर रेल हादसे कम होंगे। साथ ही इस दौरान चाहे राजनीतिक फैसले हों या आर्थिक आम जनता के हित में सामने आयेंगे। दूसरी आेर कृषकों आैर खेती के लिए यह समय अच्छे संकेत नहीं ला रहा है। खण्ड वृष्टि यानि कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ का प्रभाव नजर आयेगा।

तिथि पूर्णिमा ( आषाढ़ पूर्णिमा , गुरु पूर्णिमा )
समय: ग्रहण स्पर्श 23:54 रात्रि
खग्रास प्रारम्भ : 25:00 रात्रि
ग्रहण मध्य।   : 01:52 रात्रि
खग्रास समाप्त : 02: 43 रात्रि
ग्रहण मोक्ष या समाप्त : 03:49 प्रातः

क्या करें और क्या ना करें :-
– गर्भवती महिलाएं इस समय में जल या किसी भी खाद्य पदार्थ के सेवन से बचें।
– वो स्त्री जो प्रसूत पीड़ा में हो उनके घर के सदस्य उनके कांसे के बर्तन में घी का दान कर देंगे।
– रोगी लोग चावल का दान और छाया दान (सरसों तेल या घी में अपना चेहरा देखकर) करना लाभकारी रहेगा।
– विद्यार्थी लोग ग्रहण दौरान मां सरस्वती का मनन करें।
– अन्य सफलता प्राप्ति हेतु गुरु मंत्र का जाप करना या जो भी मंत्र आप के पास हो उसका जाप करना लाभकारी रहेगा। रामायण का पाठ करें। अपने इष्ट का ध्यान करें।
– ग्रहण उपरांत घर में गंगा जल का छिड़काव करें घर के मुख्य द्वार पर कुमकुम का तिलक करें। घर में हवन करवाएं ,शंख नाद करें अन्न का दान करें यथा शक्ति अपने गुरु या ब्राह्मण को दान दें और भोजन करवाएं।

 

By:Goswami

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