28 सितंबर : इन हस्तियों ने बनाया आज का दिन खास जानें….!

28 सितंबर को इस देश में संगीत, कला और खेल के क्षेत्र में कुछ हस्तियों ने जन्म लिया तो देश की आजादी के लिए कुर्बान भगत सिंह भी इसी दिन पैदा हुए।

28 सितंबर को इस देश में संगीत, कला और खेल के क्षेत्र में कुछ हस्तियों ने जन्म लिया तो देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते कुर्बान होने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी इसी दिन पैदा हुए। चारों ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट काम से भारत का मान बढ़ाया है।

सरदार भगतसिंह शहीद-ए-आजम

अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले क्रांतिकारी भगत सिंह का जन्म 1907 में आज ही पंजाब के बंगा (अब पाकिस्तान) में हुआ था। मार्च,1926 में नौजवान भारत सभा की नींव रखी। 17 दिसंबर, 1928 को लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए उन्होंने साथी राजगुरु, सुखदेव और चंद्रशेखर के साथ मिलकर अंग्रेज पुलिस अधिकारी सैंडर्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 8 अप्रैल,1929 को उन्होंने बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर दिल्ली स्थित असेंबली हाल में दो बम धमाके किए। सरकार विरोधी पर्चे बांटे और इंकलाब के नारे लगाए। मियांवाली जेल (पंजाब, पाकिस्तान) में कैदियों के साथ हो रहे भेदभाव का विरोध किया और 116 दिन भूख हड़ताल की। लाहौर षड़यंत्र केस में उनको राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी की सजा हुई। 24 मार्च, 1931 को फांसी देने की तारीख तय हुई। लेकिन तय तारीख से 11 घंटे पहले ही 23 मार्च 1931 को तीनों को शाम साढ़े सात बजे फांसी दे दी गई।

लता मंगेशकर सुर कोकिला: अपनी जादुई आवाज से करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाने वाली लता मंगेशकर का जन्म 1929 में आज ही मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर शास्त्रीय गायक और थिएटर आर्टिस्ट थे। पांच साल की उम्र में ही पिता से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू की। उन्होंने 1942 से अब तक, लगभग 7 दशकों में हजार से भी ज्यादा हिंदी फिल्मों और 36 से भी ज्यादा भाषाओं में गीत गाये हैं। 27 जनवरी, 1963 को ‘ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी’ को सुनकर उस समारोह में मौजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की आंखे नम हो गई थीं। 1974 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में उन्हें इतिहास में सबसे ज्यादा रिकॉर्डेड कलाकार के नाम से दर्ज किया गया। 1948 से 1987 तक वह अबतक 30 हजार से ज्यादा गाने गा चुकी हैं। ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘आ जा रे परदेशी’, ‘अजीब दास्तान है ये’, ‘होठों पे ऐसी बात में छुपा के चली आई’ उनके द्वारा गाए कुछ प्रमुख गीत हैं। उन्हें साल 2001 में भारत रत्न से, 1969 में पद्म भूषण से, 1989 में दादा साहब फाल्के अवार्ड से और 1999 में पद्म विभूषण से नवाजा जा चुका है।

रणबीर कपूर : कपूर खानदान की चौथी पीढ़ी अपने अभिनय से फिल्म इंडस्ट्री में अलग मुकाम बनाने वाले रणबीर कपूर का जन्म 1982 में आज ही मुंबई में हुआ था। उनके पिता ऋषि कपूर और मां नीतू कपूर हिंदी फिल्मों के मशहूर अभिनेता और अभिनेत्री रहे हैं। वह जाने माने शो मैन राज कपूर के पोते और पृथ्वीराज कपूर के पर-पोते हैं। फिल्मी करियर की शुरुआत 2007 में आई फिल्म ‘सांवरिया’ से की। 2008 में आई फिल्म बचना ए हसीनों पहली सफल फिल्म रही।

अभिनव बिंद्रा: पदक पर निशाना साधने वाले 2008 में बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का जन्म 1982 में आज ही देहरादून में हुआ था। वह ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। 1998 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उस समय उनकी उम्र महज 15 साल की थी। 17 साल की उम्र में 2000 में सिडनी ओलंपिक खेला। 2001 के म्यूनिख कप में कांस्य पदक जीता। 2004 में एथेंस ओलंपिक में पदक जीतने से चूक गए। भारत सरकार ने 2000 में अर्जुन अवार्ड से, 2001 में राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से और 2009 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

Source: दैनिक जागरण

रणबीर कपूर

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